लखनऊ, जनवरी 11 -- बिजली विभाग की विजिलेंस टीम और विभागीय जांच दल अब जीपीएस युक्त बॉडी वॉर्न कैमरा से लैस होंगे। बीते दो साल से इसकी मांग चल रही थी। बिजली चोरी के मामलों की जांच में कई बार विजिलेंस टीम पर प्रताड़ना व वसूली के आरोप लगने के बाद से ही इनकी मांग की जा रही थी। टीम को जीपीएस युक्त बॉडी वॉर्न कैमरा देने के बाद अब विजिलेंस टीम की जांच व कार्रवाई में पारदर्शिता आने की उम्मीद है। बॉडी वॉर्न कैमरा व्यवस्था लागू होने से विजिलेंस टीमों की कार्यप्रणाली पर निगरानी की जा सकेगी। इसके अलावा उपभोक्ताओं के उत्पीड़न व कथित भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लगेगी। बिजली चोरी के मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई संभव हो सकेगी। लंबे समय से यह शिकायतें आम होती थीं कि जांच के समय छोटे उपभोक्ताओं को प्रताड़ित किया जाता रहा है। बड़े मामलों में विजिलेंस व विभागीय ...