धनबाद, मार्च 11 -- धनबाद। झारखंड स्टेट इलेक्ट्रिक सप्लाई वर्कर्स यूनियन ने प्रस्तावित बिजली विधेयक 2025 के विरोध में जीएम ज्ञापन सौंपा। यूनियन अध्यक्ष बैजनाथ प्रसाद सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाया गया यह विधेयक बिजली क्षेत्र के निजीकरण का रास्ता खोल देगा, जिससे आम उपभोक्ताओं और किसानों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि विधेयक में क्रॉस सब्सिडी समाप्त करने तथा हर साल बिजली दर बढ़ाने का प्रावधान है जबकि बड़े औद्योगिक उपभोक्ताओं को राहत दी जाएगी। यूनियन ने आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित करने, समान काम के लिए समान वेतन देने तथा 6 प्रतिशत ऊर्जा भत्ता लागू करने की मांग की। साथ ही लंबित डिज़िग्नेशन मैपिंग और अन्य समस्याओं का जल्द समाधान करने की अपील की।
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