मेरठ, अक्टूबर 6 -- निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मियों का लगातार 312वें दिन विरोध प्रदर्शन जारी रहा। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले प्रदर्शन किया। विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण के एजेंडे पर मुंबई में होने वाली डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटी मीट का विरोध किया। संघर्ष समिति मेरठ संयोजक आलोक त्रिपाठी ने बताया कि बैठक में सबसे पहले प्रदेश में बिजली निजीकरण के विरोध में 312वें दिन से लगातार चल रहे आंदोलन को ऐतिहासिक बताते हुए बिजली कर्मियों की प्रशंसा की। यूपी के साथ ही पुडुचेरी में बिजली के निजीकरण की प्रक्रिया शुरू होने पर चिंता जताई। साथ ही महाराष्ट्र में नवी मुंबई, पुणे, नासिक, नागपुर शहरों में निजी घरानों को पैरेलल लाइसेंस देने का प्रबल विरोध करने का निर्णय लिया।

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