गुड़गांव, मार्च 26 -- गुरुग्राम, कार्यालय संवाददाता। हरियाणा विद्युत नियामक आयोग की ओर से बिजली दर नहीं बढ़ाए जाने से उद्योगों ने राहत की सांस ली है। बुधवार को आयोग ने स्पष्ट किया कि मार्च 2025 में निर्धारित बिजली दरें ही आगामी वित्त वर्ष 2026-27 में भी यथावत लागू रहेंगी, जिससे प्रदेश के उद्योग जगत को बड़ी राहत मिलेगी। यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब बिजली वितरण कंपनियों ने अपने वार्षिक राजस्व प्रस्ताव में लगभग 4500 करोड़ रुपये के घाटे का हवाला देते हुए बिजली दरों में वृद्धि की मांग की थी। नियामक आयोग ने इस मांग को अस्वीकार करते हुए कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने कार्य संचालन में सुधार लाएं तथा लाइन लॉस कम कर अपने राजस्व घाटे की भरपाई करें।प्रोग्रेसिव फेडरेशन ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (पीफटीआई) के चेयरमैन दीपक मैनी ने हरियाणा के...