लखनऊ, फरवरी 6 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता बिजली दरों में लगभग 20 प्रतिशत इजाफे के लिए कंपनियों द्वारा दाखिल वार्षिक राजस्व आवश्यकता प्रस्ताव (एआरआर) को सुनवाई के लिए नियामक आयोग ने शुक्रवार को सशर्त मंजूरी दे दी। मार्च में बिजली की नई दरें तय करने के लिए दाखिल एआरआर और उसपर आई आपत्तियों पर सुनवाई होगी। बिजली कंपनियों ने 12,453 करोड़ रुपये का राजस्व अंतर दिखाया है। इसी रकम की भरपाई के लिए बिजली दरों में इजाफे की मांग हो रही है। नियामक आयोग ने सभी बिजली कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे तीन दिनों के भीतर अपने सभी आंकड़ों समेत एआरआर समाचार पत्रों में प्रकाशित कराएं। प्रस्तावित एआरआर पर उपभोक्ताओं और अन्य को अपना पक्ष, आपत्तियां और सुझाव दाखिल करने के लिए 21 दिन का समय दिया गया है। इसके बाद बिजली दरें तय करने के लिए सुनवाई होगी। कंपनियों ने दाखि...