रांची, नवम्बर 17 -- रांची। विशेष संवाददाता झारखंड में बिजली उत्पादन और बिक्री के दौरान इलेक्ट्रिसिटी एक्ट के नियमों का उल्लंघन कर राज्य सरकार को लगभग 500 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने के आरोप से जुड़ी जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने कंपनियों को जवाब दाखिल करने का अंतिम मौका दिया है। इस मामले पर सुनवाई मंगलवार को भी होगी। इस संबंध में एनर्जी वॉच ने जनहित याचिका दायर की है। प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता विपुल पोद्दार ने पक्ष रखते हुए अदालत को बताया कि मेसर्स अमलगम स्टील्स एंड पावर लिमिटेड और मेसर्स अमलगम स्टील्स प्राइवेट लिमिटेड आपस में सिस्टर कंपनियां हैं, जो राज्य में बिजली उत्पादन और बिक्री का कार्य कर रही हैं। दोनों कंपनियों पर आरोप है कि उन्होंने इलेक्ट्रिसिटी एक्ट के नियमों की अनदेखी करते हुए आपस में ही बिजली की खरीद-बिक्री की है, जिससे राज...
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