लखनऊ, फरवरी 24 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता। 5000 मेगावॉट से ज्यादा का उत्पादन करने वाली 22 इकाइयों को ठप कर दिया गया है। इनमें से 12 उत्पादन इकाइयों को कम बिजली मांग का हवाला देकर बंद किया गया है। प्रदेश के पास बिजली होने के बावजूद रोस्टर के मुताबिक ही सप्लाई जारी रखने के लिए उत्पादन इकाइयों को बंद करने पर सवाल हैं। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने कहा कि जब उपभोक्ता इन उत्पादन इकाइयों को लगाने में हुए खर्च के एवज में फिक्स्ड चार्ज बिजली बिल में देते हैं तो इन्हें ठप करना उनके साथ अन्याय है। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष और राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए कंज्यूमर राइट रूल-2020 की धारा-10 के तहत गांव और शहरों को 24 घंटे बिजली देना अनिवार्य है। बावजूद इसके उत्तर प्रदेश में रोस्टर व्यवस्था लागू ह...