नई दिल्ली, मई 10 -- नई दिल्ली। पश्चिम एशिया संकट के लंबा खिंचने की आशंका के चलते कच्चे तेल के दाम अभी ऊंचे स्तर पर बने रहेंगे। एशियाई विकास बैंक (एडीबी) के मुख्य अर्थशास्त्री अल्बर्ट पार्क ने कहा कि हमारा अनुमान है कि नए परिदृश्य में यह 2026 में औसतन 96 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर रहेगा। इसका असर भारत पर देखने को मिल सकता है और इससे देश की जीडीपी वृद्धि दर में 0.6 प्रतिशत की कमी आएगी, जिससे यह 6.3 प्रतिशत रह जाएगी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा इससे मौजूदा वित्त वर्ष में महंगाई भी काफी बढ़ जाएगी। निजी क्षेत्र का निवेश 67 प्रतिशत बढ़ा यह भी पढ़ें- आयात बिल घटने से अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की संभावना निजी क्षेत्र का पूंजीगत व्यय नई दिल्ली। उद्योग मंडल भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने रविवार को कहा कि सितंबर, 2025 में भारत के निजी क्षेत्र का...