बांका, अगस्त 22 -- कटोरिया (बांका), निज प्रतिनिधि। सावन की पवित्र यात्रा अपने चरम पर है। सुल्तानगंज से देवघर तक कांवरिया पथ पर आस्था का सैलाब उमड़ रहा है। दिन-रात कांवरियों के जत्थे बाबा बैद्यनाथ के धाम की ओर बढ़ रहे हैं। इस भीड़ में कई श्रद्धालु अपने साथियों और परिजनों से बिछड़ भी रहे हैं। बिछड़ना अपने आप में बड़ी समस्या नहीं है, लेकिन समय पर इसकी सूचना नहीं देना कई बार गंभीर स्थिति पैदा कर रहा है।

बिछड़ने की गंभीरता गुरुवार को कौआदह के पास अररिया जिले के कांवरिया गोपाल चौधरी की मौत की घटना इस बात की गंभीरता को सामने ला रही है। 45 वर्षीय गोपाल चौधरी अपनी पत्नी, भतीजे और गांव के करीब 15 लोगों के साथ कांवर यात्रा पर निकले थे। जानकारी के अनुसार, तारापुर के पास वह अपनी टोली से बिछड़ गए। उनके पास मोबाइल फोन भी नहीं था। बिछड़ने के बाद न तो उन...