फतेहपुर, मई 17 -- जाफरगंज। यमुना नदी में आने वाली बाढ़ के दौरान करीब आधा दर्जन गांव के 10 हजार से अधिक ग्रामीणों को कैद होना पड़ता है। कारण है कि मदुरैल नाले पर बने रपटा पुल का ऊंचा न होना। जिससे यह नाला हर बार नदी का रूप ले लेता है। यहां आने वाली बाढ़ का जायजा लेने के लिए हर बार अधिकारियों के साथ जनप्रतिनिधियों के पहुंचने पर ग्रामीण मांग करते हैं जिन्हे आश्वासन तो दे दिया जाता है, लेकिन पुल को ऊंचा न कराए जाने के कारण समस्या कम नहीं हो रही। खजुहा ब्लाक के यमुना तटवर्ती गांव गजयीपुर, कुकेडी, धौरहरा, बंगला, शिव भजन का डेरा, कंधई का डेरा आदि गांव में करीब दस हजार की आबादी निवास करती है। जिनका मुख्य रास्ता मदुरैल नाले पर बना रपटा पुल होने से इन्हे इससे आवागमन करना पड़ता है। लेकिन यमुना का जलस्तर बढ़ते ही नाले के उफान मारने के कारण यह रास्ता जलमग्...