बाराबंकी, मई 20 -- सूरतगंज, संवाददाता। सुबह करीब नौ बजे सरयू नदी की शांत लहरों ने अचानक रौद्र रूप धारण कर लिया। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा, देखते ही देखते चारों ओर बाढ़ का पानी फैलने लगा। खतरे का सायरन बजते ही बचाव करो घर से जरूरी सामान निकालो और ऊंचे स्थानों पर पहुंचने की आवाजें गूंज उठीं। हेतमापुर के उधिया गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इसी बीच बाढ़ राहत कंट्रोल रूम से लगातार चेतावनी प्रसारित होने लगी और सायरन बजाती अधिकारियों की गाड़ियां गांव की ओर दौड़ पड़ीं। तहसीलदार विपुल सिंह वायरलेस सेट के जरिए लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश देते दिखाई दिए। यह दृश्य इतना वास्तविक था कि ग्रामीण कुछ देर के लिए सहम उठे, लेकिन बाद में पता चला कि यह बाढ़ आपदा से निपटने के लिए किया जा रहा मॉकड्रिल था। इसके बाद ग्रामीणों ने तालिया...