जमशेदपुर, फरवरी 13 -- जिले में मवेशियों में खुरहा बीमारी का मौसम शुरू होने से पहले कई प्रखंडों में टीकाकरण किया जा चुका है। जिन प्रखंडों में बचे पशु हैं, उनका टीकाकरण इस महीने पूरा कर लिया जाएगा। इस बीमारी के कारण सीजन में दूध उत्पादन में गिरावट आ जाती है। खुरहा, जिसे खुरपका या मुंहपका भी कहा जाता है, गाय, भैंस, भेड़ और सूअर में फैलने वाला संक्रामक वायरल रोग है। पहले इस बीमारी से 40 फीसदी पशु प्रभावित होते थे, लेकिन नियमित टीकाकरण के कारण इसकी व्यापकता में कमी आई है और पशुओं की मौत केवल 1-2 फीसदी तक सीमित है। ग्रामीण क्षेत्र के पशु ही नहीं, शहरी क्षेत्र के मवेशियों पर भी इसका असर पड़ता है। राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत हर छह महीने पर दुधारू पशुओं का टीकाकरण अनिवार्य है। जिले में दो महीने पहले अधिकांश प्रखंडों में टीकाकरण किय...