नई दिल्ली, अप्रैल 7 -- नितिन पई,निदेशक, तक्षशिला संस्थान बीती 31 मार्च को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने धमकी दी कि वह ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमलों के जवाब में 18 प्रौद्योगिकी कंपनियों को निशाना बनाएगा। इनमें से ज्यादातर अमेरिकी कंपनियां हैं। बाद में, उसने बहरीन स्थित अमेजन के डाटा सेंटर पर हमला किया भी। यह एहसास ही बेहद चौंकाता है कि नागरिक-सैन्य जुड़ाव, नेटवर्क-केंद्रित युद्ध और एआई आधारित घातक हथियारों की वजह से प्रौद्योगिकी कंपनियां युद्ध में निशाना बन सकती हैं। हालांकि, असैन्य ढांचों पर हमला करने (जो युद्ध अपराध हो सकता है) और सैन्य अभियानों का हिस्सा बनने वाली निजी कंपनियों को निशाना बनाने (जो युद्ध अपराध नहीं है) के बीच एक बड़ा नैतिक और कानूनी अंतर है। अमेरिकी व इजरायली फौज ने बेशक ईरान के विश्वविद्यालयों और...