पटना, अप्रैल 12 -- बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ (बासा) की कोर कमेटी और आईएमए सदस्यों की रविवार को आईएमए हॉल पटना में बैठक हुई, जिसमें सरकार द्वारा एकतरफा निर्णय लेते हुए निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने के निर्णय की कड़ी निंदा की गई। साथ ही इससे जुड़े स्वास्थ्य कर्मियों के रोजगार के प्रति चिंता व्यक्त की गई। बैठक के दौरान संघ ने सरकार से मांग की है कि इस निर्णय पर तत्काल पुनर्विचार हो। सभी हितधारकों, विशेषकर भासा के साथ विस्तृत विमर्श किया जाये। यदि नीति लागू करनी ही हो तो इसे अनिवार्य न रखते हुए वैकल्पिक बनाया जाये। कार्यरत चिकित्सकों पर इसे बाध्यकारी न बनाते हुए केवल नई नियुक्तियों पर लागू किया जाये। डॉक्टरों के वेतन, भत्तों एवं कार्य-परिस्थितियों में सुधार किया जाए, ताकि वे पूर्ण समर्पण के साथ सरकारी सेवा दे सकें।
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