देवघर, अप्रैल 12 -- देवघर। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी नमन प्रियेश लकड़ा के निर्देशानुसार शनिवार को बाल श्रम उन्मूलन अभियान के तहत गठित धावा-दल द्वारा एनसीपीसीआर के दिशा निर्देश पर ठाढीलपरा, थाना सोनारायठाढ़ी में निरीक्षण किया गया। जिसमें एक ढाबा में कुल दो बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया। सभी दो बाल श्रमिकों को बाल कल्याण समिति देवघर को सुपुर्द कर दिया गया। सर्वोच्च न्यायालय नई दिल्ली द्वारा एमसी मेहता बनाम राज्य सरकार एवं अन्य के मामले संबंधी पीटीशन (सी) संख्या 455/1996 में 10 दिसंबर 1996 को दिए गए निर्णय के आलोक में जिला बाल एवं किशोर श्रमिक कोष में 20 हजार रुपए से लेकर 50 हजार रुपए तक रकम जमा कराया जा सकता है। साथ ही बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं उन्मुलन) अधिनियम 1986 एवं संशोधित अधिनियम 2016 की धारा-3 या धारा-3 ए के उल्लघंन के आधार...