रिषिकेष, दिसम्बर 30 -- हिमालयन इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज जौलीग्रांट में बाल शल्य चिकित्सा दिवस के अवसर पर जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान का उद्देश्य जन्म से 18 वर्ष तक के बच्चों में जन्मजात विकृतियों से सम्बन्धित विभिन्न प्रकार की बीमारियों के बारे में लोगों को जागरूक करना रहा। पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की ओपीडी में आयोजित इस अभियान में विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार ने ओपीडी में आने वाले सभी लोगों को बच्चों में होने वाली विभिन्न विकृतियों से संबंधित बीमारियों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि बच्चों में सर्जरी की जरूरत वाली समस्याओं को दो श्रेणियों में बांटा गया है। जन्मजात विकृतियां और बाद में विकसित होने वाली समस्याएं। कहा कि माता-पिता की जागरूकता ही पहला बचाव है। समय पर लिया गया निर्णय बच्चे को जीवनभर की अक्षमता से ...