बेगुसराय, जनवरी 14 -- बेगूसराय, निज संवाददाता। सदर प्रखंड सभागार में बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से सेविका सहायिका एवं आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण बाल विवाह भारत मुक्ति जागरूकता को लेकर दिया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सह अपर न्यायाधीश करुणानिधि प्रसाद आर्य ने कहा कि बाल विवाह हमारे समाज के लिए एक गंभीर अभिशाप है। इससे बच्चों का मानसिक, शारीरिक और शैक्षणिक विकास प्रभावित होता है। बाल विवाह एक दंडनीय अपराध है। इसमें दोषी पाए जाने पर दो वर्ष तक की सजा, एक लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। आगे यह भी स्पष्ट किया कि बाल विवाह के मामलों में केवल माता-पिता ही नहीं, बल्कि टेंट संचालक, हलुवाई, पंडित एवं विवाह आयोजन से जुड़े अन्य लोग भी दोषी माने जाएंगे। किसी भी स्थान पर बाल विवाह की...