हाथरस, अप्रैल 17 -- बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम-2006 के अन्तर्गत बाल विवाह एक दण्डनीय अपराध है। किसी भी बालिका जिसने अपनी आयु 18 वर्ष पूर्ण न की हो एवं ऐसे बालक जिसने अपनी आयु 21 वर्ष पूर्ण न की हो का विवाह कराया जाना प्रतिबन्धित है। जिला प्रोबेशन अधिकारी सीमा मौर्या ने लोगों से अपील की है कि समाज में व्याप्त अंधविश्वास एवं रुढीवादी परम्परा के कारण समाज के कुछ अनिभायक,संरक्षकों द्वारा अपने पुत्र/पुत्रियों की शादी अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर पावन एवं शुभ मानकर की जाती है। इस अधिनियम के अनुसार बाल विवाह अधिनियम तथा पोक्सो एक्ट के तहत कार्यवाही की जायेगी। यह भी पढ़ें- बाल विवाह की रोकथाम को चलेगा विशेष अभियान जिसमें सजा व अर्थदण्ड दोनों का प्रावधान है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों के अन्तर्गत बाल विवाह कराने वाले व्यक्ति एवं ...