हाजीपुर, मार्च 25 -- हाजीपुर। निज संवाददाता बाल श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग के उपाध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह ने कहा है कि बाल मजदूरी करवाना कानून अपराध है। बाल मजदूरों को चिह्नित कर उन्हें शिक्षा से जोड़ने के प्रति सरकार प्रतिबद्ध होकर काम कर रही है। बच्चों को मजदूरी से हटा कर शिक्षित करना बाल श्रम आयोग की प्रथम प्राथमिकता है। यह जानकारी बुधवार को हाजीपुर सर्किट हाउस में मीडियाकर्मियों को प्रेस वार्ता में दी। बाल मजदूरी करने वालो बालकों को मुक्त कराने के बाद वस्त्र के लिएRs.3000 रुपया और उसे बच्चों के नाम पर 25 हजार फिक्स डिपाजिट किया जाता है। वहीं संगठित प्रवासी मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए कृत संकल्पित है। विभिन्न राज्यों में तथा विदेशों में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से एक...