नई दिल्ली, अप्रैल 9 -- सुप्रीम कोर्ट ने बाल तस्करी के बढ़ते मामलों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। साथ ही कहा है कि ऐसा करने वाले गिरोह देशभर में सक्रिय हैं और यदि राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों ने तत्काल कदम नहीं उठाए तो स्थिति नियंत्रण से बाहर हो जाएगी। कोर्ट ने इसके लिए संयुक्त कार्रवाई पर जोर दिया। न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन की पीठ ने बुधवार को एक याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा कि इस संबंध में केवल राज्य सरकार और उसका गृह विभाग ही सतर्कता के साथ कार्रवाई कर सकता है। एक न्यायालय के रूप में हम निगरानी कर सकते हैं, लेकिन कार्रवाई अंततः राज्य सरकार, पुलिस और अन्य एजेंसियों को ही करनी है, इसलिए यह हमारा विनम्र अनुरोध है। पीठ ने संगठित तस्करी गिरोह को ध्वस्त करने के लिए 2025 में सुनाए गए एक फैसले को लागू करने के म...