सीतामढ़ी, मार्च 29 -- परिहार। पड़ोसी मित्र राष्ट्र नेपाल में पहली बार मधेश मूल के युवा नेता बालेंद्र शाह 'बालेन' के प्रधानमंत्री बनने के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में सुगम व्यापार की आस जगी है। भारत-नेपाल सीमा से सटे जिले के सीमावर्ती इलाकों विशेषकर कन्हवां, भिठ्ठामोड़, सोनबरसा, मेजरगंज, कन्हौली, बसबिट्टा क्षेत्र में उम्मीद की नई किरण जगी है। स्थानीय व्यापारियों, किसानों और आम नागरिकों को उम्मीद है कि नेपाल की नई सरकार सीमा क्षेत्र के व्यापार, बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक ढ़ांचे में सुधार देखने को मिलेगा। नेपाल में 2008 में राजशाही प्रथा समाप्त होकर लोकतांत्रिक व्यवस्था लागू होने के बाद से राजनीतिक अस्थिरता लगातार बनी रही। बीते लगभग 17 वर्षों में देश में 14 से अधिक सरकारें बदली और औसतन हर 14-15 महीने में नया प्रधानमंत्री बना है। इस दौरान पुष...