जमशेदपुर, मार्च 28 -- पेसा कानून के तहत ग्रामसभा को अनेक अधिकार दिए गए हैं। इनमें से एक है खनन और संसाधनों पर ग्रामसभा की भूमिका को लागू करना। इसके तहत लघु खनिज जैसे बालू और पत्थर का लीज अब बिना ग्रामसभा के अनापत्ति प्रमाणपत्र के वैध नहीं हो सकेगा। पंचायत एक्सटेंशन टू शिड्यूल एरिया (पेसा) एक्ट 1996 अब पूर्वी सिंहभूम सहित कोल्हान के तीनों जिलों में लागू हो चुका है। राज्य सरकार ने नियमावली को प्रभावी बनाने के लिए जिलों की भूमिका भी तय कर दी है। इसके तहत अब कैटेगरी वन के बालू घाटों की सूची तैयार करनी है। साथ ही बालू खनन की सालाना सीमा क्या होगी, इसे भी निर्धारित करना होगा। यही नहीं, डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन की हर योजना से पहले ग्रामसभा का अनुमोदन अनिवार्य होगा। अब फॉरेस्ट राइट्स एक्ट (एफआरए) की जिलास्तरीय और अनुमंडल स्तरीय बैठकों में पेसा ...