गुड़गांव, मई 29 -- सोहना, नरेश कुमार। नगर परिषद के गांव बालूदा में करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने के लिए ग्रामीणों में होड़ मची है। यहां के लोगों ने सरकारी जमीन पर पशु चरागाह, मकान और फार्म हाउस बनाए है। परिषद प्रशासन ने बीते 12 वर्षों में सरकारी जमीन को अवैध कब्जों से मुक्त कराने एक बार भी प्रयास नहीं किया है। वार्ड चार का गांव बालूदा नगर परिषद सीमा क्षेत्र में दूसरा ऐसा गांव है। जिससें सबसे ज्यादा सरकारी जमीन है। पहले नंबर पर वार्ड 7 का गांव लाखूवास आता है। ये दोनों गांव नगर परिषद को 2014 पालिका से परिषद बनने के दौरान मिले थे। जिनकी तमात संपत्ति 2015 में पंचायत विभाग द्वारा सौंप दिया था। बीते करीब 12 वर्षों में नगर परिषद प्रशासन ने एक बार भी बालूदा में सरकारी जमीन पर हो रहे अवैध कब्जों का सफाया करने की तरफ कोई पहल नहीं क...