प्रयागराज, जून 4 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक बालिग विवाहित जोड़े को राहत देते हुए कहा है कि उन्हें पति-पत्नी के रूप में शांतिपूर्वक साथ रहने का पूरा अधिकार है और किसी भी व्यक्ति को उनके वैवाहिक जीवन में हस्तक्षेप करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र ने अंकिता सिंह एवं अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि उन्होंने 11 मई 2026 को अपनी स्वतंत्र इच्छा और सहमति से हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह किया है। दोनों बालिग हैं, उनका यह पहला विवाह है और उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। इसके बावजूद विवाह से नाराज परिवार वाले उन्हें धमका रहे हैं और उनके वैवाहिक जीवन में बाधा डाल रहे हैं।सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का उल्लेख सुनवाई के दौरान अदालत ने सर्वोच्च न्यायालय के लत...