नई दिल्ली, जनवरी 9 -- शहर में दिन पर दिन कबूतरों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। ऊंची बिल्डिंगों से लेकर घरों के छतों पर झुंड में कबूतर बैठे दिख जाते हैं। ये कबूतर ना केवल बीट करके बहुत सारी गंदगी फैला देते हैं बल्कि बालकनी में लगे पौधों को भी खराब करते हैं। यहीं नहीं कबूतरों की बीट से सांस की गंभीर बीमारियां होने का भी खतरा रहता है। जिसे हिस्टोप्लाजमोसिस, क्रिप्टोकॉकोसिस बोलते हैं। फेफड़े में होने वाले ये इंफेक्शन कई तरह की समस्याएं दे जाते हैं। ऐसे में इन कबूतरों को बालकनी से भगाना जरूरी होता है। लेकिन जाल लगाने और सिलिकॉन के कांटे रखने के बाद भी अगर ये कबूतर बालकनी में आ ही जाते हैं। तो इस एक ट्रिक को भी ट्राई करके देख लें। जिसकी मदद से आसानी से कबूतरों को बालकनी में आने से रोका जा सकता है।काली पॉलिथिन का करें इस्तेमाल माना जाता है कि कब...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.