गंगापार, अप्रैल 1 -- अचानक आकाश में गड़गड़ाहट, बादल और बूंदाबांदी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में फसलों की कटाई और खलिहानों में थ्रेसरिंग करते किसान अपनी भूख प्यास और दिन ,रात , धूप व गर्मी सभी कुछ भूल गये हैं। बार बार बदलते मौसम के मिजाज ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। मंगलवार देर रात से ही आकाश में गड़गड़ाहट,बादल, बूंदाबांदी और तेज हवा ने किसानों की नींद उड़ा दी है। मांडा क्षेत्र के विभिन्न गांवों के किसानों का कहना है कि पिछले तीन वर्षों से जब गेहूं के पलेवा और सिंचाई के लिए किसानों को पानी की जरूरत रहती है । तब न तो नहरों में पानी आता है और न तो बरसात ही होती है, लेकिन जब खेतों में फसल पककर तैयार हो जाती है , तो नहरों में भी पानी आ जाता है और प्रकृति भी चैत महीने में बरसात करके किसानों की परीक्षा लेती है। प्रकृति के इस कहर...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.