लातेहार, अप्रैल 1 -- गारू प्रतिनिधि। बारेसांड़ वन प्रक्षेत्र से एक गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है, जिसने वन विभाग की कार्यप्रणाली और संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां कार्यरत ट्रैकर, टीपीएफ एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मी पिछले छह महीनों से बिना वेतन के अपनी सेवाएं दे रहे थे। इसके बावजूद, 31 मार्च 2026 को जारी एक पत्र के अनुसार, बजट की कमी का हवाला देते हुए 1 अप्रैल से 22 कर्मियों को आंशिक रूप से कार्य से हटा दिया गया है। ये सभी कर्मी बीसी-01, बीसी-02, बीसी-06, बीसी-13, मायापुर और तिसिया दक्षिणी जैसे महत्वपूर्ण बीट क्षेत्रों में तैनात थे और लंबे समय से जंगलों एवं वन्यजीवों की सुरक्षा में अहम भूमिका निभा रहे थे। विभाग का कहना है कि यह निर्णय विवशता में लिया गया है, ताकि प्रभावित कर्मी अन्यत्र रोजगार खोज सकें। साथ ही भविष्य में बजट उ...