मधुबनी, जुलाई 6 -- बाबूबरही। मिथिलांचल की ऐतिहासिक धरोहर बलिराजगढ़ में पिछले चार माह से चल रही पुरातात्विक खुदाई पर मानसून भारी पड़ गया है। लगातार हो रही बारिश के कारण उत्खनन स्थल की मुख्य ट्रेंच (खाई) पानी से लबालब भर गई है। कई स्थानों पर मिट्टी धंस गई है और खुदाई का कार्य फिलहाल पूरी तरह रुक गया है। इस स्थिति से अब तक मिले 2500 वर्ष पुराने पुरावशेषों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है और कई दुर्लभ धरोहरों के नष्ट होने की आशंका जताई जा रही है। सोमवार को की गई पड़ताल में उत्खनन स्थल की मुख्य ट्रेंच में करीब डेढ़ फुट से अधिक पानी जमा मिला। पानी के दबाव के कारण ट्रेंच का पश्चिमी हिस्सा आंशिक रूप से धंस चुका है, जबकि अन्य ट्रेंचों में भी बारिश का पानी भरा हुआ है। लगातार हो रही वर्षा के कारण खुदाई स्थल की संवेदनशील पुरातात्विक परतों के प्रभाव...