कानपुर, अगस्त 3 -- कानपुर देहात, संवाददाता। जनपद में सावन का महीना शुरू होने के बाद भी आसमान में छाने वाले बादल लोगों को चकमा दे रहे हैं। बिन पानी के फसलों के मुरझाने से अधिकांश किसान आसमान की ओर निहार रहे हैं, लेकिन मानसून के कमजोर पड़ने से जहां सूखे के आसार बन रहे हैं। वहीं बिन बारिश के मुरझा रही फसलों को देख किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें उभर रही हैं। रविवार को भी बदली की धूप व उमसभरी गर्मी से जनजीवन अस्तव्यस्त रहा। जिले के कुल सिंचित क्षेत्रफल 200996 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि में 66992 हेक्टेयर में सिंचाई नहरों से होती है,जबकि 464 राजकीय नलकूपों से 6682 हेक्टेयर व निजी नलकूपों से 85807 हेक्टेयर क्षेत्रफल में सिंचाई की जाती है। जबकि यहां के अधिकांश किसान खरीफ की फसलों की सिचाई के लिए बारिश पर ही निर्भर रहते है। जिले में जुलाई माह में औ...