बाराबंकी, मार्च 18 -- बाराबंकी। पूर्वी उत्तर प्रदेश के विकास को रफ्तार देने वाला बाराबंकी-नेपाल बार्डर हाईवे हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (एचएएम) आधारित बनाया जाएगा। 153 किलोमीटर लंबे इस फोरलेन और दोनों ओर सर्विस लेन के निर्माण पर करीब 34 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह यूपी का दूसरा और पूर्वी क्षेत्र का पहला हाईवे होगा, जो पीपीपी मॉडल पर विकसित किया जाना है। केंद्रीय मंत्रिमण्डल ने बुधवार को इस परियोजनों को हरी झण्डी दे दी है। लखनऊ, बाराबंकी से गोण्डा, बहराइच जिले के साथ ही नेपाल बार्डर तक जाने का मार्ग अब और सुगम होगा। पीपीपी मॉडल पर होगा विकास: लखनऊ, पूर्वांचल और नेपाल के बीच आवागमन आसान होगा, जिससे यात्रा समय और परिवहन लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी। इससे पहले प्रदेश में हाइब्रिड एन्युटी माडल पर केवल जेवर एयरपोर्ट को जोड़ने वाला मार्ग बना गया है।...