रायबरेली, अप्रैल 13 -- रायबरेली,संवाददाता। जिले की स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाए जाने के उद्देश्य से करीब दस साल पहले ट्रामा सेंटर बनाए जाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, लेकिन दुर्भाग्य रहा कि यह योजना जिले में परवान नहीं चढ़ पाई। इससे सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर घायलों के साथ मरीजों को लखनऊ ट्रामा सेंटर इलाज के लिए भागना पड़ता है। इससे में अधिकांश गंभीर मरीजों की रास्ते में जान पर आ जाती है। अगर यह सुविधा जिले में उपलब्ध हो जाती तो शायद लोगों को 80 किलोमीटर दूर का चक्कर काटने से सहूलियत मिल जाती। जिले में बढ़ती हुई दुर्घटनाओं में बढ़ रही घायलों की संख्या को देखते हुए करीब दस साल पहले तत्कालीन सीएमएस एनके श्रीवास्तव ने ट्रामा सेंटर बनाए जाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इस पर शासन की ओर से सहमति जताई गई, लेकिन दुर्भाग्य की बात रही है कि यह ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.