बाराबंकी, नवम्बर 19 -- बाराबंकी। नहरों में जब सिंचाई के लिए पानी की आवश्यकता हो, धूल उड़ रही है। अधिकांश नहरें जंगल झाड़ियों से पटी हैं। ऐसे में सिंचाई का संकट किसानों के सामने गहराता जा रहा है। जिससे किसानों में आक्रोश व्याप्त हो रहा है। हिन्दुस्तान लगातार किसानों के मुद्दे को उठा रहा है, लेकिन अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। किसान संगठनों ने आंदोलन की रणनीति बना रहे हैं। वहीं विभाग अभी टेंडर व ठेका पट्टी में जुटा है। टेल तक नहीं पहुंचता है पानी: मसौली संवाद के अनुसार: नहरों, माइनरों की सफाई के नाम ठेकेदार लाखों रुपए डकार रहे है। लेकिन साफ-सफाई में बरती गई अनियमितता के चलते किसानों के खेतों तक पानी पहुंचना सपना बन गया है। रजबहा रहरामऊ से निकली मूंजापुर मसौली माइनर से सिंचाई मसौली, मूंजापुर और देवकलिया के सैकड़ों किसानों की हजारों बीघा खेतों ...
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