मुंगेर, मई 30 -- मुंगेर, निज संवाददाता। जिले में बायो-मेडिकल कचरे का उठाव और निस्तारण सुचारू रूप से न होने के कारण स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्राइवेट पैथोलॉजी लैब और नर्सिंग होम से निकलने वाले संक्रामक कचरे को शहर के मुख्य मार्ग और कूड़े के ढेरों पर फेंका जा रहा है, जिससे आम जनता के बीच महामारी और संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। ​महीने में महज चार से पांच दिन हो रहा कचरे का उठावः एसोसिएशन ऑफ मेंबर्स ऑफ लैब टेक्नोलॉजिस्ट (एएमएलटीए) के जिलाध्यक्ष अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि नियमों के मुताबिक सिनर्जी बायो-वेस्ट कंपनी (भागलपुर) को हर दिन पैथोलॉजी लैब और नर्सिंग होम से मेडिकल कचरा उठाना है। लेकिन पिछले दो-तीन महीनों से स्थिति बेहद खराब है और कंपनी महीने में बमुश्किल चार से पांच दिन ही कचरे का उठाव कर रही है। कचरा जम...