वाराणसी, अगस्त 22 -- वाराणसी। बीएचयू के आयुर्वेद संकाय में बायोमेट्रिक उपस्थिति एवं अन्य बिन्दुओ पर शुक्रवार को राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग (एनसीआईएसएम) के समक्ष सुनवाई हुई। इसमें बीएचयू के आयुर्वेद संकाय ने अपना पना पक्ष रखा। करीब दो घंटे तक हुई सुनवाई में कुछ शिक्षकों की व्यक्गित उपस्थति भी दर्ज की गई। कुछ शिक्षकों ने बायोमेट्रिक मशीन देर से लगने, वाइफाई स्पीड कम होने सहित अन्य दलीलें रखीं। एनसीआईएसएम ने जुलाई 2026 में 22 मई 2025 से 22 मई 2026 तक के बायोमीट्रिक उपस्थिति रिकॉर्ड का विश्लेषण किया गया था। विभिन्न विभागों के 80 फैक्ल्टी में किसी की भी 50 प्रतिशत उपस्थिति नहीं थी। यह भी पढ़ें- एम्स की तर्ज पर विकसित होगा बीएचयू का आयुर्वेद विंग इस मामले में आयोग ने बीएचयू से जवाब मांगा था। विश्वविद्यालय से कम उपस्थिति के कारण, संबं...