दरभंगा, अगस्त 11 -- राजीव रंजन झा,दरभंगा। बायोइन्फॉर्मेटिक्स ने संक्रामक रोगों के अनुसंधान में क्रांति ला दी है, जिससे वैज्ञानिक जटिल जैविक डेटा का विश्लेषण उस पैमाने और गति से कर सकते हैं जो पहले असंभव जैसा था।

सेमिनार में विचार विमर्श डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम विमेंस इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलोजी (डब्ल्यूआईटी) में मंगलवार को आयोजित बायो इन्फॉर्मेटिक्स इन इन्फेक्सस डिजिज रिसर्च विषयक सेमिनार की अध्यक्षता करते हुए निदेशक प्रो. अजय नाथ झा ने ये बातें कही। प्रो. झा ने कहा कि कम्प्यूटेशनल बायोलॉजी, मॉलिक्यूलर जेनेटिक्स और डेटा साइंस के एकीकरण ने रोगजनकों, मेजबान प्रतिक्रियाओं और रोग गतिशीलता के अध्ययन के लिए शक्तिशाली उपकरणों के विकास को बढ़ावा दिया है। अनुक्रमण प्रौद्योगिकियों के तीव्र प्रसार और कम्प्यूटेशनल शक्ति में प्रगति ने नए रोगजनकों की पहचान...