देहरादून, जुलाई 6 -- देहरादून। वरिष्ठ संवाददाता भारतीय दलित साहित्य अकादमी उत्तराखंड की ओर से पूर्व उप प्रधानमंत्री एवं भारतीय दलित साहित्य अकादमी के संस्थापक अध्यक्ष बाबू जगजीवन राम को मरणोपरांत भारत रत्न देने की मांग की। सोमवार को प्रेस क्लब में उनके 40वें परिनिर्वाण दिवस पर एक विचार गोष्ठी भी आयोजित की गई।

अकादमी की स्थापना अकादमी के प्रदेश अध्यक्ष प्रो. जयपाल सिंह और महासचिव सीपी सिंह बताया कि अकादमी की स्थापना जनविरोधी ब्राह्मणवादी साहित्य का अनुशीलन, दलितों के उपेक्षित इतिहास की खोज और दलित, शोषित समाज के उत्थान के लिए साहित्य सृजन को लेकर की गई थी।

बाबू जगजीवन राम का योगदान राष्ट्रीय सामाजिक न्याय कृति मंच के अध्यक्ष नानक चंद ने कहा कि साधारण परिवार से निकलकर बाबू जगजीवन राम ने अपने संघर्ष और नेतृत्व क्षमता के बल पर राष्ट्रीय राज...