नई दिल्ली, अप्रैल 21 -- 1968 में एक फिल्म आई थी नील कमल। इस फिल्म में वहीदा रहमान, राज कुमार और मनोज कुमार ने लीड किरदार निभाया था। फिल्म राम महेश्वरी ने डायरेक्ट की थी और किदार शर्मा ने लिखी। वैसे तो फिल्म की कहानी एक ऐसी लड़की की थी जो नींद में चलती है और अपनी पुरानी जिंदगी में चली जाती है।इस कहानी ने उस समय के लोगों को प्रभावित किया था। लेकिन गाने अलग ही माहौल बनाते थे। इसी फिल्म का वो गाना था 'बाबुल की दुआएं लेती जा'। एक ऐसा गाना जिसे सुनने वाले लोग और गाने वाला सिंगर रो पड़ा था। इस गाने को लिखने वाले ने ऐसे भावों को अपनी राइटिंग में दिखाया जो उसने खुद कभी महसूस नहीं किया। इस गाने को सुन रो पड़ते हैं लोगफिल्म नील कमल ये गाना तब बजता है जब बलराज साहनी का किरदार अपनी बेटी सीता की विदाई करता है। स्क्रीन पर नजर आने वाला वो विदाई का सीन आंखें...
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