पटना, जून 27 -- बापू टावर में यादवेन्द्र के संपादन में प्रकाशित पुस्तक 'साइकिल का जनतंत्र' पर शनिवार को विशेष साहित्यिक परिचर्चा का आयोजन हुआ। इसमें शहर के प्रमुख साहित्यकार, पत्रकार और संस्कृतिकर्मी उपस्थित रहे। कवि एवं पत्रकार संजय कुंदन ने कहा कि यूरोप में साइकिल के आविष्कार ने मजदूरों और मेहनतकशों को नई ताकत दी, श्रमिक आंदोलनों को जमीन मिली। उन्होंने साइकिल को आदिम विद्रोह करार देते हुए कहा कि इसने महिलाओं की आजादी और पहनावे को नया आयाम दिया। प्रगतिशील लेखक संघ की नेत्री और साहित्यकार डॉ. सुनीता गुप्ता ने कहा कि साइकिल ने स्त्रियों को पितृसत्ता चुनौती देने की ताकत दी है और इस संकलन में सामाजिक बदलावों की आहट सुनाई देती है। यह भी पढ़ें- बापू टावर में 'साइकिल का जनतंत्र' पुस्तक पर हुई परिचर्चा प्रणय प्रियंवद ने साइकिल को आम लोगों के जीव...