अलीगढ़, मार्च 7 -- ​​बरला, संवाददाता। कहते हैं प्यार अंधा होता है, लेकिन बादल बाबू के लिए यह प्यार सरहदों की बेड़ियों और जेल की काल कोठरी का सबब बन गया। बादल बाबू के वकील फैयाज रामे ने लाहौर की कोट लखपत जेल जाने से पहले भारत में उनके माता-पिता से वीडियो कॉल के जरिए बात की। वकील ने जेल परिसर से ही वीडियो संदेश भेजकर परिवार को आश्वस्त किया कि वे बादल बाबू की कानूनी लड़ाई मजबूती से लड़ रहे हैं। जेल के भीतर आज बादल बाबू से वकालतनामा और पावर ऑफ अटॉर्नी पर हस्ताक्षर कराए गए हैं, जिसके बाद अब लाहौर हाईकोर्ट में उनकी रिहाई के लिए औपचारिक याचिका दायर की जाएगी। वकील फैयाज रामे ने मुलाकात के बाद खुलासा करते हुए बताया कि जब बादल बाबू मंडी बहाउद्दीन में थे, तब सना रानी उनसे दो बार मिलने आई थी। जब से लाहौर की जेल में शिफ्ट किया है, सना नहीं मिली। बादल ...