कन्नौज, मई 23 -- छिबरामऊ, संवाददाता। आशा कार्यकत्री को दो टप्पेबाजों में अपनी बातों में उसे ऐसे उलझाया कि वह अपनी सुधबुध खो बैठी। मरीजों को अस्पताल में छोडक़र उन टप्पेबाजों के साथ अस्पताल रोड पर पहुंच गई। वहां आशा कार्यकत्री ने पहले हुए जेवरात उतारकर और पर्स में रखी हजारों की नगदी निकालकर टप्पेबाजों को सौंप दी। जब कुछ देर बाद उसे होश आया, तब उसे अपने साथ हुई टप्पेबाजी की वारदात की जानकारी हुई, जिससे उसके होश उड़ गए और फिर वह रोने-चीखने लगी। बदहवास हालत में आशा को देख मौके पर भीड़ लग गई। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस अब टप्पेबाजों की तलाश के लिए अस्पताल रो पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने में जुटी है। गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र के द्वारिकापुर गांव की आशा कार्यकत्री सोनश्री पत्नी मुकेश राजपूत शनिवार को गांव की गर्भवती सरिता व बुखार पी...