नई दिल्ली, जुलाई 9 -- House Rent Rules: बाढ़, भूकंप, तूफान या आगजनी जैसी प्राकृतिक आपदाएं न सिर्फ मकान मालिकों को आर्थिक चोट पहुंचाती हैं बल्कि किराये पर रहने वाले लोगों के सामने भी अचानक गहरा संकट खड़ा कर देती हैं। संकट के तुरंत बाद किरायेदारों के मन में कई सवाल तैरने लगते हैं। क्या उन्हें इस स्थिति में भी किराया देना होगा? मकान की मरम्मत कौन कराएगा? क्या उनका सिक्योरिटी डिपॉजिट वापस मिलेगा? क्या वे उस किराये के एग्रीमेंट को तुरंत खत्म कर सकते हैं? भारत में इन सवालों के जवाब के लिए मुख्य रूप से दो कानून बने हुए हैं। ट्रांसफर ऑफ प्रॉपर्टी ऐक्ट, 1882 और राज्यों द्वारा अपनाए गए आदर्श किराया अधिनियम, 2021। ये कानून अप्रत्याशित संकट की स्थिति में मकान मालिक और किरायेदार दोनों के अधिकारों और दायित्वों को स्पष्ट करते हैं।ट्रांसफर ऑफ प्रॉपर्टी ऐ...