बाढ़ के दौरान प्रसव का संकट व टीकाकरण हो जाता है ठप
मोतिहारी, अगस्त 10 -- मोतिहारी, नगर संवाददाता। पूर्वी चंपारण में अभी बाढ़ की स्थिति नहीं है। लेकिन हर बरसात से पहले जिले के 14 प्रखंडों में स्वास्थ्य सेवा चरमराने का भय लौट आता है। बाढ़ आते ही चौदह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और दर्जनों उपकेंद्र पानी में घिर जाते हैं। नतीजतन टीकाकरण से लेकर शुद्ध पेयजल के लिए संकट गहराने लगता है। सबसे ज्यादा बाढ़ का कहर रक्सौल, सुगौली, आदापुर, बंजरिया, मोतिहारी, संग्रामपुर, पताही, मधुबन और तेतरिया के दियारा इलाकों पर पड़ता है। नाव के भरोसे चलती है जिंदगी : संग्रामपुर के बसंतपुर गांव की सुनीता देवी बताती हैं कि पिछले साल बाढ़ में उनकी बेटी को तेज बुखार आया था। पीएचसी 6 किलोमीटर दूर था। सड़क पूरी डूबी थी। वे लोग चारपाई पर लादकर 2 घंटे नाव का इंतजार करते रहे। जबतक अस्पताल पहुंचते कि बच्ची बेहोश हो गई थी। तेतरि...
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