फर्रुखाबाद कन्नौज, फरवरी 1 -- कायमगंज। इस वर्ष प्रकृति की मार ने चीनी मिल के लक्ष्यों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। पिछले वर्षों की तुलना में इस बार गन्ने की फसल को बाढ़ से हुए भारी नुकसान का सीधा असर मिल के आंकड़ों पर दिखाई दे रहा है। शनिवार सुबह जब गन्ने की आवक न होने के कारण साढ़े आठ बजे मिल बंद हुई, तो तुलनात्मक आंकड़ों ने गन्ने की भारी किल्लत की तस्दीक कर दी। चीनी मिल प्रशासन ने इस सत्र के लिए करीब 15 लाख कुंतल गन्ना पेराई का लक्ष्य निर्धारित किया था। लेकिन जब शनिवार को गन्ना नहीं मिल पाया तो नोकेन के अभाव में मिल बंद हुई, तो कुल पेराई का आंकड़ा मात्र 7.88 लाख कुंतल पर ही सिमट गया। यानी मिल अपने निर्धारित लक्ष्य का 52 प्रतिशत हिस्सा ही बमुश्किल छू पाई है। गन्ने की कम आवक का असर सीधे तौर पर चीनी उत्पादन पर भी पड़ा है। लक्ष्य के मुकाबल...