नई दिल्ली, जनवरी 5 -- पश्चिमी राजस्थान में एक बार फिर जिलों की सीमाओं को लेकर सियासत गरमा गई है। बाड़मेर और बालोतरा जिलों की सीमाओं में किए गए ताजा फेरबदल ने प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। कांग्रेस और भाजपा इस मुद्दे पर आमने-सामने हैं, जबकि स्थानीय स्तर पर विरोध और समर्थन की आवाजें तेज होती जा रही हैं। सवाल यह है कि यह बदलाव केवल प्रशासनिक है या इसके पीछे गहरी राजनीतिक रणनीति छिपी है? भजनलाल शर्मा सरकार ने 31 दिसंबर 2025 को एक अहम आदेश जारी करते हुए बाड़मेर और बालोतरा जिलों की तहसीलों में बड़ा बदलाव किया। आदेश के अनुसार, गुड़ामालानी और धोरीमना तहसीलों को बाड़मेर जिले से हटाकर बालोतरा जिले में शामिल किया गया है, जबकि बायतु तहसील को बालोतरा से अलग कर वापस बाड़मेर जिले में जोड़ दिया गया है। इस फैसले को पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार...