नई दिल्ली, जुलाई 22 -- आशीष दीक्षित, कानपुर दो सौ रुपये का नोट 100 और 500 रुपये के बीच की जरूरत पूरी करने के लिए लाया गया था, लेकिन अब वही नोट बाजार में सबसे कम दिखाई देने लगा है। भारतीय रिजर्व बैंक के ताजा आंकड़े बताते हैं कि सबसे बाद में जारी हुआ यह नोट अब सबसे कमजोर पड़ गया है। चलन में मौजूद कुल नोटों में 200 की हिस्सेदारी महज 6.13 फीसदी रह गई है, जबकि 500 रुपये का नोट बाजार का बादशाह बना हुआ है। आरबीआई की रिपोर्ट के अनुसार, देश में इस समय 176.55 अरब नोट चलन में हैं। इनमें 500 रुपये के नोटों की हिस्सेदारी 41.25 फीसदी है, जो किसी भी मूल्य वर्ग में सबसे अधिक है। इसके मुकाबले 200 रुपये के नोट महज 6.13 फीसदी हिस्सेदारी के साथ सबसे पीछे हैं। वहीं 100 रुपये के नोट 16.03 फीसदी और 10 रुपये के नोट 15.94 फीसदी हिस्सेदारी के साथ बड़ी संख्या में ब...