नई दिल्ली, सितम्बर 29 -- अरुण कुमार,वरिष्ठ अर्थशास्त्री भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को भी गिरावट जारी रही। सोमवार को जहां सेंसेक्स और निफ्टी छह महीने के निचले स्तर पर पहुंच गए, वहीं कारोबारी सप्ताह के दूसरे दिन भी निवेशकों के लाखों करोड़ रुपये डूब गए। अब मांग उठ रही है कि सरकार कोई ऐसा प्रयास करे, ताकि निवेशकों की डूबती नैया बचाई जा सके। यह काम बहुत आसान नहीं है, पर कुछ कोशिशों से बाजार को संभाला जरूर जा सकता है। निस्संदेह, भारतीय शेयर बाजार बाहरी कारकों से अभी अधिक प्रभावित है। पश्चिम एशिया और पूर्वी यूरोप में युद्ध जारी रहने के कारण तेल की आपूर्ति बाधित है, जिससे इसकी कीमतें चढ़ी हुई हैं। इसका असर वैश्विक महंगाई पर पड़ा है और अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ाई गई हैं। दरअसल, महंगाई बढ़ते ही अमेरिकी सरकार को ट्रेजरी बॉन्ड पर रिटर्न, यानी 'बॉ...