बाजार में गिरावट के दौरान भी चैन की नींद! राधिका गुप्ता ने बताया नए निवेशकों के लिए म्यूचुअल फंड का सही तरीका
नई दिल्ली, जुलाई 21 -- म्यूचुअल फंड से भारत में बचत और निवेश की संस्कृति में बदलाव आ रहा है। अब, प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां कई गुना बढ़ गई हैं, एसआईपी आम बोलचाल का हिस्सा बन गया है और म्यूचुअल फंड के विज्ञापनों में अब बुनियादी अवधारणा समझाने के बजाय इसके तरीके और श्रेणी पर बात होती है। फिर भी, पहली बार निवेश करने वाले लोग, अक्सर म्यूचुअल फंड को दीर्घकालिक निवेश के ज़रिये के बजाय 'लीग टेबल' (तुलना करने वाली सूची) की तरह देखते हैं। ऐसे में म्यूचुअल फंड के आसान ढांचे से नए निवेशकों के बाजार के उतार-चढ़ाव और जोखिम को देखने का नजरिया बदल सकता है। यह भी पढ़ें- म्यूचुअल फंड से जुड़े नियम में बदलाव, अब इंट्राडे में भी किया जा सकेगा ये काम सबसे बड़ी बात यह है कि ज्यादातर परिवारों के पास विभिन्न कंपनियों की जांच-पड़ताल करने या रोजाना बाजार पर नजर रखने ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.