सहरसा, अप्रैल 19 -- सहरसा, हिन्दुस्तान संवाददाता। जिले में बड़ी संख्या में किसान मखाना की खेती करते हैं। लेकिन मखाना गुड़िया की खरीद बिक्री के लिए बाजार या मंडी नहीं रहने से किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पाता है। मखाना उपज के समय अन्य जिले व राज्य से आने वाले बिचौलिये या छोटे व्यापारी के हाथ किसान मखाना गुड़िया को औने पौने दाम में बेच देते हैं। जिससे लागत अनुसार किसानों को फायदा नही मिल पाता है। जिले में इसबार बड़ी संख्या में कि किसान मखाना की खेती कर रहे हैं। पिछले अन्य वर्षों की उपज और मखाना बोर्ड बनने से उत्साहित किसानों का मखाना खेती की ओर अधिक रूझान बढ़ा हैं। यह भी पढ़ें- अधिक मेहनत, खर्च के बाद कम लाभ से जूट की खेती घटा पहले अधिकांश किसान नमी और जलजमाव वाले खेत में गरमा फसल लगाते थे। लेकिन इसबार किसान गरमा फसल छोड़ मखाना की रोपनी क...
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