दुमका, मई 13 -- दलाही, प्रतिनिधि। मसलिया प्रखंड में सरकार की महत्वाकांक्षी बागवानी योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल उठने लगे हैं। सरकार जहां बिरसा हरित ग्राम योजना, किसान समृद्धि योजना एवं मुख्यमंत्री जन-वन योजना के माध्यम से किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और पलायन रोकने का प्रयास कर रही है, वहीं प्रखंड में पंचायत कर्मियों एवं अधिकारियों की लापरवाही के कारण योजनाएं अपने उद्देश्य से भटकती नजर आ रही हैं। ताजा मामला मसलिया प्रखंड क्षेत्र के आमगाछी पंचायत अंतर्गत धोबना गांव का सामने आया है। यहां लाभुक रामलाल टुडू एवं ढेना टुडू के नाम पर आम बागवानी योजना संचालित की जा रही है। दोनों योजनाओं में अब तक करीब ढाई लाख रुपये की निकासी हो चुकी है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। यह भी पढ़ें- गुलाबपट्टी का पूर्वी नोनिया टोला विकास से वं...