गंगापार, जून 4 -- मांडा, हिन्दुस्तान संवाद। सड़क पर लटकते जर्जर विद्युत तारों और अधलेटे बांस के कृत्रिम बिजली के पोल से कभी भी बड़ी घटना घटित हो सकती है। ऐसे जर्जर विद्युत तार खेतों में खलिहानों में गिरकर हर साल तमाम किसानों के मेहनत की फसल असमय जलकर राख हो जाती है। साथ ही हल्के हवा के झोंके से जगह जगह से तार टूटने से तीन चार दिन तक बिजली बाधित रहती है।मांडा क्षेत्र के हाटा विद्युत उपकेंद्र से संबंधित हाटा सोनबरसा मार्ग पर अधलेटे बांस के पोल पर जर्जर विद्युत तारों से। बिजली की आपूर्ति की जाती है। इस रास्ते से प्रतिदिन तमाम वाहनों से आम राहगीरों, किसानों व छात्र, छात्राओं का आवागमन होता है। बरसात के मौसम में अक्सर जर्जर तार टूटने से बड़ी घटनाएं भी घटित होती हैं। हाटा उपकेंद्र से जुड़े तमाम गांवों की बिजली आपूर्ति बांस की लकड़ी पर जर्जर विद...